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जानिए इतनी बड़ी कम्पनी ने की क्या गलती, हाईकोर्ट ने मांग लिया जवाब

पेट्रोल पम्प आवंटन में धांधली की शंका, हाईकोर्ट ने किया जवाब तलब

उदयपुर। इंडियन आयल काॅरपोरेशन लिमिटेड (आईओसी) ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेट्रोल पम्प आवंटित करने की प्रक्रिया में नियम-कायदों को ताक पर रख दिया है। स्टेट हाईवे को भी ग्रामीण क्षेत्र मानते हुए प्रक्रिया आगे बढ़ा दी गई।

अधिकारियों को ध्यान में दिलाने के बावजूद जब उनके कान में जूं नहीं रेंगी तो मामला जोधपुर हाईकोर्ट पहुंचा और अब उच्च न्यायालय ने केन्द्र सरकार और आईओसी को नोटिस जारी कर दो हफ्ते में जवाब तलब किया है।

दरअसल, आईओसी ने सामान्य रिटेल आउटलेट एवं ग्रामीण रिटेल आउटलेट पंप स्थापित करने के लिए 24 नवम्बर 2018 को चयन के लिए डीलरों के लिए पुस्तिका जारी की, जिसमें ग्रामीण रिटेल आउटलेट के आवंटन की एक शर्त रखी गई है। स्पष्ट लिखा हुआ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले लोकेशन जो हाईवे पर (राष्ट्रीय राजमार्ग/राज्य राजमार्ग) पर नहीं हैं और शहर की म्यूनिसिपल सीमा से बाहर हैं, वे ही लोकेशन ग्रामीण रिटेल आउटलेट पंप आवंटन के योग्य माने जाएंगे।

इसके बाद प्रार्थी अर्पित सोनी ने आईओसी द्वारा 14 दिसम्बर 2018 को ग्रामीण लोकेशन पर जारी कुछ विज्ञापित स्थानों पर आपत्ति दर्ज कराई। कम्पनी द्वारा प्रमुख जिला सड़क-12 एवं 12ए (मेजर डिस्ट्रिक्ट रोड-12 एंड 12ए) पर क्रम संख्या 4494, 4495, 4503, 4505 4507, 4509 एवं 2979 पर आवंटन की प्रक्रिया की जा रही थी, जो कि मुख्य इंजीनियर लोक निर्माण विभाग जयपुर राजस्थान के पत्र अनुसार अगस्त 2015 में ही राज्य राजमार्ग 81बी घोषित हो चुका है।

यह सभी विज्ञापित लोकेशन राज्य राजमार्ग 81, 81ए एवं 81बी धरियावद-प्रतापगढ़-मंदसौर, तालेड़ा से मंदसौर वाया लोहागढ़-धरियावद-देवलिया-प्रतापगढ़ एवं प्रतापगढ़ से रतलाम वाया अरनोद-पीपलदा पर आ रही है। ऐसे में इन लोकेशन पर ग्रामीण आउटलेट के नियमों के अनुसार आवंटन नहीं किया जा सकता। जबकि कम्पनी इन लोकेशन को ग्रामीण क्षेत्र मानकर प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही थी।

इस त्रुटि के सम्बंध में कई बार शिकायत भी दर्ज कराई गई लेकिन आईओसी के अधिकारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। ऐसे में प्रार्थी को उच्च न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पारीक ने पैरवी की और बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में रिटेल आउटलेट के आवंटन के लिए न्यूनतम 20 गुना 20 वर्गफीट का मापदंड निर्धारित है, जबकि सामान्य रिटेल आउटलेट के आवंटन के लिए 35 गुना 35 वर्गफीट का मापदंड निर्धारित है। इसकी पुष्टि आरटीआई के जवाब में भी हुई है।

सुनवाई के बाद याचिका स्वीकार कर उच्च न्यायालय जोधपुर ने केन्द्र सरकार व आईओसी से जवाब तलब किया है। यह मामला सामने आने के बाद देश की अन्य दो बड़ी कम्पनियों एचपीसीएल और बीपीसीएल द्वारा की जा रही पेट्रोल पम्प आवंटन की प्रक्रिया पर भी लोगों की नजर चली गई है कि कहीं वहां भी तो ऐसी धांधली नहीं हो रही।

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