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शंभूनाथ शुक्ल

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लगता है, कलम लेकर ही पैदा हुए थे। जब मन आया, जहाँ मन आया और जो मन आया, वही लिख दिया। बाद में लेखन को ही जीविका बना लिया। पिछले 40 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में। सामाजिक राजनैतिक मुद्दों से लेकर यात्रा-संस्मरण आदि सब विषयों पर लिखा। दैनिक जागरण से कैरियर की शुरुआत कर जनसत्ता में चंडीगढ़ और कोलकाता के संपादक रहे। करीब 11 वर्षों तक अमर उजाला के अलग-अलग संस्करणों में संपादक रहे। फिलहाल स्वतंत्र लेखन। इस कॉलम में उनके कलम के अलग अंदाज़।
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कुछ तो है, सत्ता के शीर्ष पर!

शंभूनाथ शुक्ल
ऐसा पहली बार हुआ, कि किसी सांप्रदायिक दंगे के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया। 26 फरवरी को अजित डोभाल ने सीलमपुर, मौजपुर आदि इलाकों...
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दंगे और राजनीति की गोटियाँ!

शंभूनाथ शुक्ल
देश की राजधानी दिल्ली में पिछले दो-तीन दिन से जिस तरह की हिंसा, आगजनी और बवाल चल रहा है, वह कोई अचानक नहीं हुआ। इसके पीछे वे सब लोग जवाबदेह हैं...
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भारतीय पुनर्जागरण में महिलाओं का योगदान

शंभूनाथ शुक्ल
हाल ही में शाहीनबाग में महिलाएं जिस तरह डट गईं, उससे महिलाओं कि अपनी ताकत का पता चलता है। महिला सशक्तिकरण की बात सरकारें भले करती...
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पुलवामा की बरसी पर एक सवाल

शंभूनाथ शुक्ल
पुलवामा हमले को आज एक साल पूरा हो गया, आज से ठीक एक साल पहले कश्मीर के पुलवामा में केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल  के 44 जवान एक...
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जानवर होती भीड़!

शंभूनाथ शुक्ल
मध्य्प्रदेश के उज्जैन जिले के एक गांव में भीड़ की पाशविकता ने एक निरीह की जान ले ली और शेष तीन को मरणासन्न अवस्था में छोड़ दिया।...
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डोर से डोर!

शंभूनाथ शुक्ल
एक सूफी कहानी है। एक सम्राट अपने वजीर पर नाराज हो गया। और उसने वजीर को आकाश-छूती एक मीनार में कैद कर दिया। वहां से...
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गैगासुर की कथा!

शंभूनाथ शुक्ल
ना, छापे की भूल नहीं है, और यह  नवीन वर्तनी प्रणाली भी नहीं है। यह कथा गैगासुर की ही है। उपेन्द्रकिशोर1 रचित घैंघासुर की नहीं। घैंघा की तुलना...
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बेरोजगारी से भटकाने के लिए हिंसा की संस्कृति!

शंभूनाथ शुक्ल
मुझे अपने बचपन की याद है। जब भी परिवार का कोई युवक या नवयुवक अथवा प्रौढ़ डाँड़-मेड़ को लेकर मार-काट की बात करता, मेरी दादी कहतीं, कि ‘अच्छा अब...
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गोली से निकली राजनीति!

शंभूनाथ शुक्ल
कल जो घटना घटी, उसे देख कर लगा, कि हम वहीं के वहीं खड़े हैं, जहां आजादी के पहले खड़े हुए थे। आजादी के 72 वर्षों में हमें...

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