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बरेली: कालाबाजारी पर युवक ने चलाया चाबुक

बरेली के एक युवक ने कालाबाज़ारी करने वाले लोगो के मुंह चिड़ाना शुरू कर दिया है. युवक ने गली गली मुहल्लों में जाकर लोगों तक सस्ता आटा पहुचा रहा है.

बरेली(Bareilly): कोरोना काल मे खाद्यय पदार्थो की कालाबाज़ारी जमकर हो रही है, ऐसे ग़रीब मजदूर माध्यम वर्गीय आय के लोगो को के लिए खाने का सामान खरीदने आसान नहीं है. ऐसे में बरेली के एक युवक ने कालाबाज़ारी करने वाले लोगो के मुंह चिड़ाना शुरू कर दिया है. यह युवक गली गली मुहल्लों में जाकर लोगों तक सस्ता आटा पहुचा रहा है. यहीं नहीं यह युवक गेंहू के बदले आंटा दे रहा है. कैसे कर रहा है वह कोरोना में लोगो की मदद देखते है.

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बरेली शहर के मुहल्लों की गलियों में आवाज लगाता यह युवक जय प्रकाश राजपूत है जो अपने घर मे चक्की लगाकर काम करता था इसी बीच पूरी दुनिया मे कोरोना नाम की महामारी ने घर कर लिया और लौकडाउन शुरू हो गया. लॉक डाउन शुरू होने के बाद देश के माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोगों से एक दूसरे की मदद करने की.  मगर कुछ व्यापारियों ने अपने फायदे के लिए रोजमर्रा की वस्तुओं की कालाबाज़ारी शुरू कर दी है. आंटा 30 से 35 रुपये प्रतिकिलो बेचना शुरू कर दिया. तो दालों के दाम भी आसमान छूने लगे, मगर प्रधानमंत्री की अपील का असर बरेली के इस युवक पर पड़ा और इसने अपने अन्य दो साथियों की मदद से कालाबाज़ारी करने वालो के खिलाफ कदम उठाया जो काफी सराहनीय है.

युवक ने अपनी चक्की में आंटा पीसना शुरू किया और शहर में जगह जगह जाकर उसको मात्र 23 रुपये प्रति किलो बेचना शुरू कर दिया. यहीं नहीं इस युवक ने जरूरत मन्दों के लिए गेंहू के बदले आंटा देना शुरूकर दिया और जिस पर गेहूं की पिसाई के रुपये हैं वह दे सकता है अगर नहीं है तो वह न भी यह अपील के साथ काम करना शुरू कर दिया है. यहीं नहीं जरूरत मन्दों के लिए गेहूं फ्री में दे रहा है. और लॉक डाउन के बाद उनसे पैसे लेने की बात कर है.

सोशल मीडिया में आज बरेली का जय प्रकाश राजपूत एक मिसाल बना हुआ है. जो गरीब लोगों की अच्छी मदद कर रहा है. सोशल मीडिया में लोग राजपूत के कार्यो की काफी सराहना कर रहे है. और उसको अपने मुहल्ले में आने का न्यौता दे रहे है. यह युवक लोगों के घर घर जॉकर उनको आंटा दे रहा है. वह भी मात्र 23 रुपये प्रति किलो और लोग अब दुकानों की जगह से इस युवक से आंटा खरीद रहे है. क्योंकि यह सस्ता है. यह आंटा माध्यम वर्ग के लोग ही नही बल्कि बड़े और अच्छे परिवार के जरूरत मदद लोग भी ले रहे है.

रिपोर्टर- अशोक कुमार गुप्ता (बरेली)

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