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बरेली में सक्रिय मानव तस्कर, दूसरे राज्यों से लाकर बेची जा रही लड़कियां

बरेली में मानव तस्कर तेजी से सक्रिय हो रहे हैं. आसाम, बिहार और बंगाल जैसे राज्यों से लड़कियों को लाकर यहां बेचा जा रहा है. आसाम की एक लड़की के मिलने और उसके बाद जिस्मफरोशी के तीन ठिकानों पर हुई पुलिस की कार्रवाई में मिली लड़कियाँ इस बात की तस्दीक करने को काफी है

बरेली:(Bareilly)। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में मानव तस्करी (Human Trafficking) की बढ़ती वारदातों से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है. जहां तस्कर दूसरे राज्यों से नाबालिग युवतियों को बहला-फुसला कर यहां उनकी खरीद-फरोख्त कर रहे हैं. वहीं उन्हें जबरन जिस्मफरोशी के धंधे में धकेल रहे हैं. पुलिस मानव तस्करों पर रोक लगाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. लेकिन तस्कर हमेशा पुलिस को चकमा देकर छिपते-छिपाते मानव तस्करी के व्यापार को फैला रहे हैं.

बीते कुछ समय से बरेली में मानव तस्कर तेजी से सक्रिय हो रहे हैं. आसाम, बिहार और बंगाल जैसे राज्यों से लड़कियों को लाकर यहां बेचा जा रहा है. आसाम की एक लड़की के मिलने और उसके बाद जिस्मफरोशी के तीन ठिकानों पर हुई पुलिस की कार्रवाई में मिली लड़कियाँ इस बात की तस्दीक करने को काफी है.

लेकिन पुलिस इस ‘लाइन’ पर काम नहीं कर रही है. कुछ रोज़ पहले बरेली के कस्बा शेरगढ़ में एक लड़की लोगों को भटकती मिली. लड़की के बोलने की भाषा लोगों को समझ नहीं आई. लोग उसे थाना शेरगढ़ ले गए. हांलाकि यह लड़की थाने नहीं जाना चाहती थी, लेकिन वह लोग उसको थाने ले ही गए.

एक होमगार्ड ने 40 हज़ार में खरीदी थी लड़की

थाना शेरगढ़ पहुंचते ही लड़की के थाने न जाने की वजह साफ हो गई. थाने में उसे एक होमगार्ड को देख वह वहां से भागने की नाकाम कोशिश करने लगी. युवती की इस हरकत पर वहां मौजूद लोगों का माथा ठनका. लेकिन जल्द ही पूरा मामला खुलकर सामने आ गया. दरअसल जिस होमगार्ड को देखकर युवती ने भागने की कोशिश की थी. उसी होमगार्ड ने कुछ दिन पहले अपने बेटे के लिए इस लड़की को 40 हज़ार रुपये में तस्कर से खरीदा था. करीब एक महीने इस लड़की को होमगार्ड ने घर में बंदी बनाकर रखा था. एक रोज़ पहले यह लड़की मौका पाकर वहां से भाग निकली थी.

बात खुली तो होमगार्ड ने इस लड़की को खरीदने की पूरी दास्तान सुना दी. उन लोगों के नाम-पते भी बता दिए जिनसे उसने लड़की को खरीदा था. बरेली के मोहल्ला संजयनगर में जिस घर में लड़की का सौदा हुआ वह भी होमगार्ड ने बता दिया. लेकिन पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की और 3 दिन ऐसी ही गुज़ार दिए. उधर लड़की से उसका नाम पता समझकर उसका आसाम का होना समझा. जिसके बाद आसाम पुलिस से सम्पर्क साधा गया. बरेली पुलिस से आसाम पुलिस का सम्पर्क हुआ तो पता चला कि उस लड़की की वहां गुमशुदगी दर्ज है. जिसके बाद आसाम पुलिस यहां आ गई और बरेली पुलिस ने उस लड़की को आसाम पुलिस के सुपुर्द कर दिया.

लड़की ने घर जाना चाहा तो पुलिस ने कार्रवाई ड्राप कर दी

बरेली पुलिस ने मानव तस्करी के इस मामले को इसलिए बन्द कर दिया क्योंकि लड़की कोई कार्रवाई नहीं चाहती थी. पुलिस ने सारी चीजों की जानकारी होने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की. सवाल उठता है कि क्या मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध में पुलिस को इस तरह ‘फ़ाइल’ बन्द कर देनी चाहिए? अगर पीड़ित शिकायत नहीं कर रहा तो पुलिस मानव तस्करी के मामले में कोई कार्रवाई नहीं कर सकती?

जिस्मफरोशी के ठिकानों पर भी बेची जाती हैं दूसरे प्रदेशों की लड़कियां

आसाम की इस लड़की की कहानी के बाद कम से कम तीन मामले बरेली शहर में ऐसे सामने आए. जिनमें दूसरे प्रदेशों की लड़कियों की तस्करी का खुलासा हुआ. पुलिस ने फिनिक्स मॉल के सामने एक मसाज पार्लर की आड़ में जिस्म फरोशी का धंधा चलने का भंडाफोड़ किया. यहां एक आसाम, दो दिल्ली और एक उत्तराखंड की लड़की मिली थी. इसके बाद पुलिस ने दो और जिस्मफरोशी के ठिकाने पकड़े. यहां भी बाहर की लड़कियों का पता चला.

जिनकी शादियां नहीं हो पातीं वह खरीद लेते हैं लड़कियां

दरअसल मानव तस्करी करने वाले गिरोह आसाम, बंगाल और बिहार आदि प्रदेशों से लड़कियां लाकर यहां खरीद-फरोख्त करते हैं. जिन लोगों की पत्नियों की मृत्यु हो जाती है वह लड़कियां खरीद लेते हैं. जिन लोगों की इलाके में शादी नहीं हो पाती वह भी इस गिरोह के ग्राहक होते हैं. जो खूबसूरत लड़कियां इस गिरोह के हत्थे चढ़ जाती हैं उनको जिस्मफरोशी के ठिकानों पर अच्छे पैसों में बेच दिया जाता है.

पुलिस का मानव तस्करों के गिरोह के बारे में जानकारी होने के बाद भी कार्रवाई न करना पुलिस की कारगुजारी पर सवाल उठाने वाला तो है ही. अगर पुलिस पिछले दिनों शेरगढ़ में पकड़ी गई आसाम की लड़की से मिले क्लू पर काम करे तो मानव तस्करों का एक बड़ा गिरोह पुलिस की गिरफ्त में होगा. शर्त यही है कि पुलिस ईमानदारी से इस मामले में काम करें. पुलिस कप्तान से लोगों को उम्मीद है कि वह मानव तस्करी के बड़े अपराध के खिलाफ ज़रूर क़दम बढ़ाएंगे.

बीमार मां-बाप का इकलौता सहारा थी वह लड़की

आसाम की जो लड़की शेरगढ़ में मिली थी उसके मां-बाप बीमार थे. लड़की के अलावा उनका कोई सहारा न था. लड़की मज़दूरी कर अपने और मां-बाप के लिए दो वक़्त की रोटी और उनकी दवा का इंतजाम करती है. मानव तस्करों का गिरोह उसको वहां से किसी तरह अगवा कर यहां लाया था और होमगार्ड के हाथ बेच दिया था. लड़की अपने माँ-बाप को लेकर बेहद परेशान थी. वह जल्दी से जल्दी अपने माँ-बाप के पास पहुंचना चाहती थी.

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