Local Heading

जानें क्या है ‘एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना’, 1 जून से होगी लागू

इस योजना के पूरे देश में लागू होने के बाद देश काई भी राशन कार्ड धारक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत किसी भी राज्य में स्थित राशन की दुकान से अपना राशन ले सकेगा.

बरेलीः (Bareilly)। केंद्र सरकार आगामी 1 जून 2020 से देशभर में एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना को लागू करने जा रही है. स्वयं केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने इस बात की जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि आगामी 1 जून 2020 से देशभर में इस योजना को लागू कर दिया जाएगा. बता दें कि इस योजना के तहत पुराना राशन कार्ड भी मान्य होगा.

आपको बता दें कि साल की शुरुआत यानी 1 जनवरी से ही यह योजना देश के 12 राज्यों जिसमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, केरल, झारखंड और त्रिपुरा में लागू हो चुकी है. इस योजना के पूरे देश में लागू होने के बाद देश काई भी राशन कार्ड धारक राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत किसी भी राज्य में स्थित राशन की दुकान से अपना राशन ले सकेगा.

क्या है योजना

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की अति महत्वकांशी योजनाओं में से एक देश, एक राशन कार्ड को पूरे देश में लागू करने की कवायद तेज हो चुकी है. जिसके तहत राशन कार्ड धारक देश के किसी भी राज्य में स्थित सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दुकानों से अपने हिस्से का राशन ले सकेंगे. बता दें कि इस समय केंद्र सरकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत देशभर के 80 करोड़ से भी अधिक लोगों को सस्ते दामों पर राशन मुहैया कराती है.

ये भी पढ़ेंःमोदी सरकार जल्द ही इस योजना के तहत आपके खाते में भेजेगी पैसे, यहां पढ़ें

ऐसा होगा राशन कार्ड

एक देश, एक राशन कार्ड स्कीम के तहत मिलने वाला कार्ड 10 अंकों वाला होगा. राशन कार्ड पर दर्ज पहले दो अंक राज्य कोड होंगे. अगले अंक राशन कार्ड संख्या के अनुरूप होंगे. जिसमें अगले दो अंक राशन कार्ड में कार्डधारक के परिवार के प्रत्येक सदस्य की पहचान के तौर पर शामिल होंगे. आपको बता दें कि राशन कार्ड दो भाषाओं में जारी होगा. जिसमें से एक स्थानीय भाषा वहीं दूसरी भाषा के लिए हिंदी व अंग्रेजी का इस्तेमाल किया जाएगा.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More