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आखिर कैसे बनता है मखाना, सच जानकर सिर पकड़ लेंगे आप!

मखाने की खेती उथले पानी वाले तालाबों में की जाती है. बिहार के मिथिलांचल में मखाने की खेती होती है. देश का 80% मखाना बिहार में ही उगाया जाता है. करूपा अखरोट नामक पानी की एक घास के बीजों को उबाल और भूनकर मखाना बनाया जाता है.

पटना(Patna): मखाना एक लो कैलोरी हेल्दी फूड है और भारत के लगभग हर हिस्से में यह खाया जाता है. लेकिन अधिकांश लोगों को शायद मालूम नहीं है कि मखाना बनता कैसे है. बता दें कि बिहार के मिथिलांचल में भारत का अधिकांश मखाना पैदा किया जाता है. इसके तरीके जानकर आप भी दंग रह जाएंगे.

दरअसल,मखाने की खेती उथले पानी वाले तालाबों में की जाती है. बिहार के मिथिलांचल में मखाने की खेती होती है. देश का 80% मखाना बिहार में ही उगाया जाता है. करूपा अखरोट नामक पानी की एक घास के बीजों को उबाल और भूनकर मखाना बनाया जाता है. खास बात यह है कि मखाना उगाने के लिए खाद या कीटनाशक का इस्तेमाल नहीं होता. इसलिए इसे ऑर्गेनिक फूड कहा जाता है.

मखाने से सेहत को फायदें
मखाना को कॉक्सनट या प्रिकली लिली यानी कांटे युक्त लिली कहते हैं, क्योंकि इसमें छोटे-छोटे कांटे होते हैं. मकाने में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं. जिससे बढ़ती उम्र का असर चेहरे पर नजर नहीं आता और रिंक्लस से बचे रहते हैं. मखाने से हार्ट प्रॉब्लम, डायबिटीज, डाईजेशन, किडनी प्रॉब्लम, जैसी बिमारीयों से दूर रखता है.

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