Local Heading

Editor’s Picks

Editor's Picks

भूमिजा भूमि में समा गईं!

शनिवार, दो मई को रात 11 बजे दूरदर्शन पर 25 मार्च से निरंतर चल रहा ‘रामायण’ सीरियल समाप्त हो गया, जबकि लॉक-डाउन दो हफ़्ते के...
Editor's Picks

राइट ऑफ़ यानी पैसे वालों का ऋण माफ़!

Ashok Kumar Pandey
दो तीन दिनों से देख रहा हूँ कि कुछ सेल्फ़ डिक्लेयर्ड अर्थशास्त्री ‘राईट ऑफ़ ऋणमाफ़ी नहीं है’ के नारे के साथ मैदान में उतरे हैं।...
Editor's Picks

ज़िंदगी में सिनेमा की तरह रि-टेक नहीं होता!

Sutapa Sikdar
इरफ़ान के जाने का ग़म मैं अकेली नहीं, बल्कि पूरी दुनियाँ मना रही है, तब मैं भला कैसे कोई निजी शोक-पत्र लिखूँ। लाखों लोग हमारी...
Editor's Picks

अब काहे का मई-दिवस!

मुझे कानपुर का होने पर गर्व है! कनपुरिया कहे जाने पर भी! कुछ लोग हमें मघैया कह देते हैं, उस पर भी मुझे फ़ख़्र है।...
Editor's Picks

बासठ साल में पहली बार बंद हुआ म.प्र.का माधव नेशनल पार्क

Jahid Khan
कोरोना वायरस महामारी के चलते जब से देश में लॉकडाउन है, मध्य प्रदेश स्थित ग्वालियर-चंबल संभाग के नेशनल पार्क, ‘माधव राष्ट्रीय उद्यान’ (जिला शिवपुरी) और...
Editor's Picks

चाँद के पार जो सितारा है!

शंभूनाथ शुक्ल
जब ऋषि कपूर की फ़िल्म बॉबी आई थी, मैं तब बी.एस-सी. में पढ़ता था, उम्र 18 साल के आस-पास थी। कानपुर की न्यू बसंत टाकीज़...
Editor's Picks

कल इरफ़ान और आज ऋषि!

Hemant kumar Jha
हिन्दी सिनेमा के इतिहास में अगर दस अभिनेताओं की सूची बनाई जाए जिन्होंने सबसे अधिक सुपर हिट फिल्में दी हैं तो उसमें ऋषि कपूर का...
Editor's Picks

जोकर ने बना दिया चिंटू का भाग्य

veer vinod chabra
राजकपूर मेरा नाम जोकर की तैयारी कर रहे थे। सोच रहे थे कि छोटा राजू किसे बनायें जिसमें उनकी छवि दिखती हो। डिनर की टेबुल...
Editor's Picks

फ़िलहाल तो लॉक डाउन अकेला इलाज है

Skand Shukla
कोविड-19 के दौर में लोगों की प्रश्नीय प्राथमिकताएँ लगातार बदल रही हैं। यह स्वाभाविक भी है। दो-तीन सप्ताह प्रश्न पहले विषाणु और उसके मारकत्व पर...

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More