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हमें घर पहुंचा दो बस… ‘कोरोना कर्फ्यू’ ने तो भूखा मार डाला!

वाराणसी(Varanasi): ‘कोरोना’ से शहर में दहशत तो है लेकिन, इस खतरनाक बीमारी से कोई मरे या ना मरे पर, कैंट स्टेशन पर फंसे 16 मजदूर भूखे रहने को मजबूर हैं। उनके पास खाने को कुछ भी नहीं है। क्योंकि पूरी तरह से ‘कोरोना कर्फ्यू’ हैं। ऐसे में इन लोगों के खाने के लाले पड़े हैं।

केरल से बिहार का सफर, फंस गए वाराणसी में
जानकारी के मुताबिक ये सभी मजदूर बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले हैं और केरल में मजूरी करने गए थे। लेकिन जैसे ही मोदी जी ने रविवार को ‘जनता कर्फ्यू’ का ऐलान किया, वैसे ही वो ये लोग ट्रेन में बैठकर केरल से निकल पकड़े और जैसे-तैसे वाराणसी पहुंचे। लेकिन इसके बाद ट्रेनें बंद हो गईं और ये लोग पिछले 5 दिन से वाराणसी में ही फंसे रह गए।

रोकर मांगा लोगों से खाना
मजदूरों के मुताबिक वो पिछले 5 दिनों से वाराणासी के कैंट रेलवे स्टेशन के बाहर ब्रेड और बिस्किट खाकर किसी तरह दिन बिता रहे हैं। लेकिन अब सब्र का बांध टूटने लगा है, क्योंकि इनके पास ना तो कुछ खाने को है और ना ही पैसे। क्योंकि जो पैसे इनके पास थे वो अब खत्म हो गए हैं। लिहाजा, इन 16 मजदूरों ने रो-रोकर अपना दर्द साझा किया और गुहार लगाई कि इन्हें जैसे-तैसे इनके घर पहुंचाया जाए। हालांकि मदद के लिए इन्होंने वाराणसी के बड़े अधिकारियों को फोन भी लगाया, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया।

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