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समोसे बेचने वाले की बेटी बनी बॉलीवुड की टॉप सिंगर!

अपनी मेहनत से कामयाबी की ऐसी सीढ़ी चढ़ी कि आज वो गायिकी के शिखर पर पहुंच गई हैं. बेहद गरीबी से निकलकर इतना बढ़ा मुकाम हासिल करना आसान नहीं होता. लेकिन इस गायिका ने साबित कर दिया कि जूनून से बड़ा कोई जज्बा नहीं होता.

इंसान में कुछ कर गुजरने की चाह हो तो फिर उसे बड़ी से बड़ी परेशानी भी नहीं रोक सकती. ऐसी ही एक शख्सियत ग्लैमर इंडस्ट्री में भी मौजूद हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत से कामयाबी की ऐसी सीढ़ी चढ़ी कि आज वो गायिकी के शिखर पर पहुंच गई हैं. बेहद गरीबी से निकलकर इतना बढ़ा मुकाम हासिल करना आसान नहीं होता. लेकिन इस गायिका ने साबित कर दिया कि जूनून से बड़ा कोई जज्बा नहीं होता. हम बात कर रहे हैं नेहा कक्कड़ की. तो चलिए आपको बताते हैं नेहा के इस कामयाब मुकाम के मुश्किल सफर की कहानी.

  • नेहा का जन्म 6 जून 1988 को उत्तराखंड के ऋषिकेश में हुआ था. ऋषिकेश के जिस स्‍कूल में नेहा पढ़ती थी उसी स्‍कूल के बाहर उनके पापा समोसा बेचते थे. नेहा ने खुद एक इंटरव्‍यू में बताया था कि इस बात के लिए स्‍कूल में बच्‍चे उन्‍हें काफी चिढ़ाते थे, लेकिन नेहा ने कभी अपने आप को कमजोर नहीं पड़ने दिया.
  • 4 साल की उम्र में नेहा ने गायिकी शुरु कर दी थी. नेहा बहुत ही सामान्‍य परिवार से थीं,लेकिन उनके सपने बिल्कुल सामान्य नहीं थे. देवी जागरण में गाकर नेहा ने अपनी आवाज को निखारा. यहीं से उनके गाने की बेसिक ट्रेनिंग हुई और नेहा सुरों की मल्किा के नाम से जानी जाती हैं.
  • नेहा अपनी बेहन सोनू कक्कड़ के साथ जागरण में गाना गाया करती थी. जिसमें कभी- कभी लोग खुश होकर उन्हें कुछ एक्स्ट्रा पैसे दे देते थे, जिसके लिए नेहा पूरी रात गाने गाती थीं.
  • लेकिन लाख संघर्षों के बाद आज नेहा कक्कड़ का नाम बॉलीवुड की टॉप सिंगर लिस्ट में शुमार है. फिर चाहे वो लंदन ठुमकदा हो लड़की ब्‍यूटीफुल कर गई चुल हो या काला चश्‍मा नेहा के गाने आते ही लोग अपने आप को झूमने से नहीं रोक पाते.

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