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15 साल बाद कांग्रेस ने MP में सत्ता का चखा था स्वाद, 15 महीने से कम मिला जायका

मध्य प्रदेश में पिछले साल दिसंबर माह में 15 साल शासन के बाद शिवराज सिंह की सरकार गिर गई थी और कांग्रेस ने सत्ता में वापसी की थी. जो 15 महीने भी नहीं चल सकी और 20 मार्च को कमलनाथ की सरकार धड़ाम से गिर गई. आज मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. कमलनाथ सरकार ने 11 दिसंबर को विधानसभा चुनाव में जीत हासिल करने के बाद 17 दिसंबर को शपथ ली थी. 

दरअसल, बीते कई दिनों से मध्य प्रदेश में चले आ रहे राजनीतिक उलट फेर के बाद गुरुवार रात को 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर हो गई. जिसके बाद कमलनाथ की सरकार अल्पमत में आ गई थी और ऐसे में फ्लोर टेस्ट के होने से कमलनाथ की किरकिरी होती. इसीलिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने पद से इस्तीफे का ऐलान कर दिया. और राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया. 

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बता दें कि विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कांग्रेस के 16 और विधायकों के इस्तीफे गुरुवार की देर रात को मंजूर कर लिए. फ़िलहाल MP विधानसभा में 230 विधायक की संख्या है, जिनमें से 24 स्थान रिक्त है. 206 विधायकों के सदन में बहुमत के लिए सिर्फ 104 विधायकों के समर्थन की जरूरत है. वहीं बीजेपी विधायक शरद कौल के इस्तीफ के बाद विधानसभा में बीजेपी विधायकों की तादाद 106 हो गई है. वहीं कांग्रेस के 92 और सपा, बसपा व निर्दलीय विधायकों के समर्थन से यह आंकड़ा 99 तक ही पहुंचता है. ऐसे में 15 साल बाद सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस की सरकार 15 महीने भी अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर सकी.

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