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मध्य प्रदेश में राजनीतिक उथल पुथल के बाद जानें सीटों का गणित, किसके सिर ताज कमलनाथ या शिवराज?

मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार को ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस से इस्तीफा देना बहुत ही संकट पैदा करना साबित हुआ है. कांग्रेस को करारा झटका लगा है. सिंधिया के इस्तीफे के बाद मंगलवार को अब तक 6 मंत्रियों सहित पार्टी के 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के इस्तीफा के बाद कमलनाथ सरकार को सहयोगी सपा और बसपा विधायक पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से मिले. बहरहाल, कमलनाथ सरकार को निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल था. वहीं 230 विधायकों की कुल संख्या वाली MP विधानसभा में अभी दो सीटें खाली थीं. 

बता दें कि कांग्रेस के पास 114 विधायक थे. वहीं बीजेपी के पास 107 विधायक थे. इसके साथ ही दो बसपा, एक सपा और चार निर्दलीय विधायक थे, जिनका समर्थन कमलनाथ सरकार को प्राप्त था. अब राजनीतिक उथल पुथल के बाद 22 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफा देने के बाद कांग्रेस के पास विधायकों की तादाद 92 हो गई है. अगर मान लो कांग्रेस को अभी भी बसपा, सपा और निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त रहे तो कमलनाथ सरकार के विधायकों की संख्या 99 तक ही पहुंचेगी. वहीं, बीजेपी के पास 107 विधायक हैं. 

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वहीं इस्तीफा स्वीकार होने के बाद विधानसभा में कुल विधायकों की संख्या 206 हो जाएगी. ऐसे में सरकार बनाने के लिए 104 विधायकों की आवश्यकता होगी. ऐसी स्थिति में बहुमत तो बीजेपी के पास है और यदि 16 मार्च से शुरू हो रहे मध्य प्रदेश विधानसभा सत्र में बीजेपी अविश्वास प्रस्ताव लेकर आती है तो फिर कमलनाथ सरकार गिर जाएगी. बहरहाल ये वक़्त पर छोड़ देते हैं कि कमलनाथ सरकार चलेगी या एक बार फिर से शिवराज सरकार की वापसी होगी.

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