Local Heading

कांग्रेस में रहते हुए मेरे लिए देश की सेवा करना संभव नहीं रह गया: ज्योतिरादित्य सिंधिया

होली के दिन मंगलवार को तमाम अटकलों और मध्य प्रदेश की राजनीतिक कयासों पर विराम लगाते हुए ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. सिंधिया ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को अपना इस्तीफा भेजा. उनके साथ में कमलनाथ सरकार के 6 मंत्री समेत 19 विधायकों ने इस्तीफा दे दिया. 

ज्योतिरादित्य सिंधिया ने जो इस्तीफा पत्र सौंपा है. उस पर तिथि नौ मार्च की है. बहरहाल, अपने इस्तीफे में सिंधिया ने कहा, ‘अपने राज्य और देश के लोगों की सेवा करना मेरा हमेशा से मकसद रहा है. मैं इस पार्टी में रहकर अब यह करने में अक्षम हूं।’

ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा सोनिया गांधी को सौपे गए इस्तीफे का अंश

18 साल तक कांग्रेस का सदस्य रहने के बाद अब मेरे लिए यह समय कांग्रेस छोड़ने का है। मैं अपना इस्तीफा सौंप रहा हूं। आप यह बखूबी जानती हैं कि मेरे लिए यह स्थिति एक साल से अधिक समय से बन रही थी।

मेरा मकसद राज्य और देश की सेवा करना रहा है। मेरे लिए कांग्रेस में रहते हुए यह करना संभव नहीं रह गया था। मैंने अपने लोगों और कार्यकर्ताओं की आकांक्षाओं को देखते हुए यह महसूस किया कि यह सबसे अच्छा समय है कि मैं अब एक नई शुरूआत के साथ आगे बढूं।

मैं आपको और कांग्रेस पार्टी के मेरे सभी सहयोगियों को धन्यवाद देता हूं कि मुझे देश की सेवा करने के लिए एक प्लेटफॉर्म दिया।

वहीं कांग्रेस से इस्तीफे के बाद सिंधिया के भाजपा ज्वाइन करने की संभवना है. उनके साथ उनके साथी विधायक के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की कमलनाथ सरकार पर संकट गहरा गया है. बताया जा रहा है कि राज्यसभा में उनकी अनदेखी करने पर उन्होंने ऐसा फैसला लिया है.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More