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बाबू-शोना नहीं भारत की यह लवस्टोरी बताती है प्यार का असली मतलब!

6 दिन के अलग-अलग सेलिब्रेशन के बाद फाइनली आज वैलैंटाइन डे आ चुका है. प्यार के इस दिन क मोहब्बत करने वाले काफी खास तरह से सेलिब्रेट भी करेंगे. लेकिन इस खास दिन में हम आपको भारत की कुछ ऐसी प्रेमकहानियों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हमें प्यार का असली मतलब बताती है.

पृथ्वीराज चौहान-संयुक्ता
राजा पृथ्वीराज को अपने दुश्मन कन्नौज के राजा जयचंद की बेटी संयुक्ता से प्यार हो गया था, जब राजा जयचंद को इस बारे में पता चला तब वो काफी गुस्सा हो गए हुए और उन्होंने संयुक्ता का स्वंयवर रख दिया. इस स्वयंवर में उन्होंने कई राजकुमारों को बुलाया लेकिन पृथ्वीराज को नहीं बुलाया. हालांकि राजा ने दरबार के बाहर उसका एक पुतला खड़ा कर दिया था. बस फिर क्या था संयुक्ता ने पृथ्वीराज के पुतले को माला पहना दी. उस पुतले के पीछे पृथ्वीराज पहले से मौजूद थे और सबके सामने वो संयुक्ता को अपने साथ ले गए.

राजा बाजबहादुर-रूपमती
प्रेम जात, उम्र आदि नहीं देखता और इस बात को साबित किया था मध्यप्रदेश के मालवा राज्य के राजा बाजबहादुर ने. इनकी प्रेमकहानी आज भी यहां मशहूर है. राजा बाजबहादुर शिकार पर निकले हुए थे ,जहां उन्हें रूपमती दिखी, जो काफी साधारण परिवार से थी. लेकिन राजा को उनसे प्रेम हो गया. दुनिया की परवाह न करते हुए बाजबहादुर ने रूपमती से विवाह किया.

राजा बिंबिसार-आम्रपाली
ऐसी ही एक प्रेम कहानी राजा बिंबिसार की भी है. ऐसा कहा जाता है कि राजा बिंबिसार को राज्य की सबसे खूबसूरत नर्तकी से प्यार गया था. युद्ध के दौरान जब बिंबिसार घायल हो गए थे तब आम्रपाली ने बिंबिसार की सेवा एक साधारण सैनिक समझ कर की थी और राजा को आम्रपाली का यह रुप इतना पसंद आया कि उसने आम्रपाली से शादी कर ली.

बाजीराव-मस्तानी
मराठा योद्धा बाजीराव की प्रेम कहानी आप रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की फिल्म में भी देख चुके हैं. बाजीराव को बुंदेलखंड के राजा छत्रसाल की बेटी मस्तानी से प्यार हो गया था. समाज ने दोनों के प्यार को स्वीकार नहीं किया लेकिन दोनों आखिरी दम तक एक-दूसरे के साथ रहे.

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