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128 कला साधकों को मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

लखनऊ – उप्र संगीत नाटक अकादमी की ओर से बृहस्पतिवार को कला साधकों को अकादमी पुरस्कार और रत्न सदस्य सम्मान से सम्मानित किया गया। अकादमी परिसर के संत गाडगे जी प्रेक्षागृह में आयोजित सम्मान समारोह में देशभर से आए 128 कला साधकों को मुख्य अतिथि राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, संस्कृति व पर्यटन मंत्री डॉ. नीलकण्ठ तिवारी, अकादमी अध्यक्ष डॉ. पूर्णिमा पाण्डे, उपाध्यक्ष धन्नूलाल गौतम ने सम्मानित किया।

समारोह में वर्ष 2009 से 2019 तक के अकादमी पुरस्कार के रूप में विद्वानों और कलाकारों को ताम्रपत्र, अंगवस्त्र व राशि देकर सम्मानित किया गया। अवसर पर अकादमी के कथक केन्द्र की नाट्य प्रस्तुति गंगावतरण का मंचन भी हुआ। समारोह में वर्ष 2009 का अकादमी रत्न सदस्य सम्मान वीवी श्रीखंडे, वर्ष 2010 की रत्न सदस्यता सत्यभान शर्मा, वर्ष 2011 की रत्न सदस्यता चितरंजन ज्योतिषी चित्तरंग को, वर्ष 2012 की रत्न सदस्यता पद्मश्री पं.राजेश्वर आचार्य, वर्ष 2013 की रत्न सदस्यता पद्मश्री मालिनी अवस्थी को दी गई।

अवॉर्डीजन को राष्ट्रीय स्तर के बीएम शाह पुरस्कार में 25 हजार रुपये की राशि, सफदर हाशमी पुरस्कार और अकादमी पुरस्कार में 10-10 हजार की राशि के चेक प्रदान किए गए। वर्ष 2012 के अकादमी पुरस्कार के लिए बीते दिनों दिवंगत हुए स्व. श्रीकुमार मिश्र का पुरस्कार उनके प्रतिनिधि ने ग्रहण किया।

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राजधानी की इन विभूतियों को मिला सम्मानवर्ष 2009: गोपाल चन्द्र नन्दी – वायलिन वादन n लक्ष्मी श्रीवास्तव – भरतनाट्यम नृत्य .वर्ष 2017 के अकादमी पुरस्कारों में बीएम शाह पुरस्कार रंग निर्देशक देवेन्द्र राज अंकुर को व सफदर हाशमी रंगकर्मी पूर्वा नरेश को दिया गया। हालांकि दोनों ही समारोह में नहीं पहुंच सके। वर्ष 2018 के पुरस्कारों में बीएम शाह पुरस्कार मूकाभिनय के लिए निरंजन गोस्वामी को, सफदर हाशमी पुरस्कार रंग निर्देशन के लिये भूपेश जोशी को दिया गया।

वर्ष 2019 के पुरस्कारों में बीएम शाह पुरस्कार रंग निर्देशन के लिए रंजीत कपूर को व सफदर हाशमी पुरस्कार रंगमंच अभिनय के लिए टीकम जोशी को दिया गया। रंजीत कपूर का पुरस्कार उनके प्रतिनिधि ने लिया।

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