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LUCKNOW: योगी सरकार में कब आएंगे गोवंशों के अच्छे दिन

बजट देखकर ऐसा लग रहा था कि प्रदेश में गोवंश के अच्छे दिन आ जाएंगे लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।

लखनऊ (LUCKNOW): योगी सरकार ने हाल ही में गोवंश के लिए अच्छा खासा बजट पेश किया था कुल बजट 4.79 करोड़ का बजट था जिसमें 247.60 करोड़ों रुपए का बजट ग्रामीण क्षेत्र में बने पशु आश्रय केंद्रों के लिए और शहरी क्षेत्र में बने कान्हा उपवन गौशाला के लिए 200 करोड़ का बजट प्रदेश सरकार ने आवंटित किया था। बजट देखकर ऐसा लग रहा था कि प्रदेश में गोवंश के अच्छे दिन आ जाएंगे लेकिन समस्या ज्यों की त्यों बनी हुई है।

राजधानी लखनऊ के सभी पशु आश्रय केंद्र बजट के अभाव में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं आखिर समझ नहीं आ रहा कि सरकार ने जो बजट आवंटित किया था वो कहां गया करोड़ों रुपए का बजट मिलने के बावजूद गौशालाओं के हालात इतने गंभीर क्यों बने हुए हैं।

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प्रदेश सरकार पशु आश्रय केंद्र में रखे गए पशुओं के लिए प्रति गोवंश ₹30 रुपए का बजट देती है यानी महीने का ₹900 प्रति एक गोवंश पर खर्च करती है जिसमें चारा, पानी, मजदूरी, बिजली, खर्च, चौकीदा,र केंद्र का रखरखाव व कुछ अन्य खर्च इन्हीं ₹30 रुपए के प्रति दिन के हिसाब से निकालना होता है अब आप सोच रहे होंगे कि इन्हीं 30 रुपए में क्या गोवंश खाएंगे क्या कर्मचारी लेंगे एक कर्मचारी के मुताबिक प्रति गोवंश को एक बार में लगभग 3 किलो चारा दिया जाता है।

वहीं दूसरी ओर सरोजनी नगर विकासखंड क्षेत्र में गोवंश के सेवा में लगे कर्मचारियों का वेतन कई महीनों से नहीं मिला। जिससे उनको परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई पशु आश्रय केंद्रों में तो वेतन न मिलने से कर्मचारियों ने मजदूरी करना छोड़ दिया उनका कहना है कि ऐसी मजदूरी किस काम की जो महीनों वेतन ही ना मिले। आखिर प्रदेश सरकार द्वारा आवंटित करोड़ों रुपए का बजट कहां है अगर है तो इतने बुरे हालात क्यों हैं आखिर कब तक आएंगे पशु आश्रय के गोवंश के अच्छे दिन।

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