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जिस लड़के ने किया तीन बार बलात्कार, उसी से कर बैठी प्रेम, अब करेगी शादी!

इंदौर। बलात्कार के मामलों में अक्सर यह देखा जाता है कि पीड़िता कोर्ट में बयान से पलट जाती है और केस खत्म करने के लिए गलत बयान दे देती है। लेकिन हाल ही में बलात्कार का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पीड़िता ने आरोपी पर 376 का मामला तो दर्ज करवाया लेकिन कोर्ट में बयान देते वक्त उसने कहा कि जल्द ही वे दोनों शादी करने वाले हैं। गौरतलब है कि दोनों ही इस वक्त नाबालिग हैं और केस अभी भी चल रहा है।

कहानी शुरू होती है मई 2018 से… पीड़िता के अनुसार जब वो कुछ सामान खरीदने बाहर जा रही थी तभी उसे उसकी दोस्त के भाई का फोन आया। भाई ने फोन करके उस वक्त घर पर बुलाया जब घर पर कोई नहीं था। वह उसे जबरदस्ती बेडरूम में ले गया और उसके साथ 26 मई 2018 से 2 जून 2018 तक तीन बार बलात्कार किया।

पीडिता घबराई हुई घर पर पहुंची और पूरी घटना अपने माता पिता को बताई। माता पिता ने निर्णय लिया कि वे इस मामले में एफआईआर द  र्ज करवाएंगे। इसके बाद अगस्त 2018 को हीरा नगर थाने में पीडिता ने आरोपी पर 376 का मामला दर्ज करवाया। नाबालिग होने के कारण मामला पोक्सो एक्ट में दर्ज किया गया। लेकिन जब मामला जिला कोर्ट में गया तब पीडिता अपने बयान से मुकर गई और कहा कि वो आरोपी से प्रेम करती है और उसके साथ ही रहना चाहती है।

आरोपी के वकील महेन्द्र मौर्य का कहना है कि उन्हें अंदाजा तो था कि पीडिता बयान से मुकर जाएगी लेकिन वो उससे शादी करेगी इस बात ने तो उन्हें भी चौंका दिया। उन्हें बिलकुल भी उम्मीद नहीं थी कि पीडिता और आरोपी दोनों आपस में शादी करने का फैसला लेंगे।

गौरतलब है कि जब कोर्ट ने पीडिता से उसकी उम्र के बारे में जानना चाहा तब उसने कहा कि एफआईआर और अन्य दस्तावेजों में केवल अनुमानित उम्र ही लिखी गई है। उसका कहना था कि वे दोनों ही बालिग हैं और निर्णय लेने में सक्षम हैं। लेकिन जब उनके दस्तावेजों की पडताल की तब पता चला कि लडकी दसवीं कक्षा में पढ़ती है और उसकी उम्र 16 साल है। साथ ही आरोपी 11वीं कक्षा में पढ़ता है और 17 साल का है।

इस मामले में जिला कोर्ट के डीपीओ अकरम शेख का कहना है कि आरोपी पर केस तब तक चलेगा जब तक डीएनए के रिपोर्ट और पीडिता के माता पिता के बयान नहीं हो जाते। यदि डीएनए रिपोर्ट आरोपी दोषी पाया जाता है तो उसको सजा भी होगी। हालांकि यदि पीडिता और आरोपी शादी करते हैं तो उससे कोर्ट की प्रकिया में कोई असर नहीं पड़ेगा लेकिन यदि वो नाबालिग हैं और शादी करते हैं तो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत उनको सज़ा होगी।

पीड़िता से बात की तब उसने 10वीं कक्षा में होने की बात कबूली। साथ ही यह भी बताया कि वो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ती है। उसने बताया कि वो आरोपी को पहले से नहीं जानती थी। जो कुछ भी हुआ वो उसे भूलकर एक नई शुरूआत करना चाहती है। हाल ही में उनका रोका हुआ है और जल्द ही वे शादी करने वाले हैं।

सोशल एक्टिविस्ट डॉ दिव्या गुप्ता का कहना है कि ऐसा उन्होंने यह पहला मामला देखा है जहां पीडिता और आरोपी शादी करेंगे। नाबालिग होने के कारण शादी करने का अधिकार उनके पास हो ही नहीं सकता। यह उनके माता पिता को ही देखना चाहिए कि बच्चे बालिग हों फिर ही उनकी शादी की जाए।

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