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1 किलो आटे से बनती है ये एक अनोखी रोटी!

आज हम आपको मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की एक खास रोटी के बारे में बताने जा रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी इस रोटी के फैन हैं.

बुरहानपुर(Burhanpur)- आपने आज तक कई तरीके की रोटियां खायी होंगी. लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश के बुरहानपुर की एक खास रोटी के बारे में बताने जा रहे हैं. स्थानीय लोगों के साथ-साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटक भी इस रोटी के फैन हैं.

इस रोटी को मांडा रोटी के नाम से जाना जाता है. यह रुमाली रोटी के आकार से बड़ी होती है.दर्सल इस रोटी की शुरुआत मुगलकाल से हुई थी. इतिहासकारों के अनुसार 1601 में मुगलशासको ने बुरहानपुर को फौजी छावनी बनाई थी. जहां सैनिकों के लिए इस रोटी की शुरुआत हुई.

मुगलशासन काल में एक रोटी करीब 500 ग्राम गेंहूं के आटे से तैयार की जाती थी. जबकि वर्तमान में मांडा रोटी का आकार घटने के बाद यह देश में सबसे बड़े आकार रोटी है. यह रोटी अन्य रोटियों की तुलना में काफी स्वादिष्ट और किफायती है. फिलहाल यह रोटी एक किलो गेंहु के आटे में 4 पीस बनकर तैयार होती है.

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