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मेरठ के 70 से अधिक फैक्टरियों में बन रहीं PPE किट, एम्स, TATA सहित कई राज्यों में हो रही सप्लाई

मेरठ – संक्रमण से बचाव का अहम अस्त्र पीपीई किट, मास्क और सैनिटाइजर के अलावा वेंटिलेटर और कोविड जांच किट के निर्माण में मेरठ की औद्योगिक इकाइयोंकी प्रमुख भूमिका है। देश भर में कोरोना बचाव के संसाधनों का उत्पादन मेरठ के सहयोग से हो रहा है। हालात ठीक रहे तो मेरठ से जल्द पीपीई किट व मास्क का निर्यात भी शुरू हो सकता है।

मेरठ टेक्सटाइल और स्पोर्ट्स उपकरण, ट्रैक सूट बनाने का बड़ा हब है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर यहां से खेल उपकरण व ट्रैक सूट की सप्लाई होती है। ओलंपिक, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप बड़े खेल मुकाबलों में मेरठ से सामान जाता है। कोरोना संक्रमण काल में सभी स्पोर्ट्स इकाइयों ने ट्रैक सूट के बजाय पीपीई किट, मास्क बनाने शुरू कर दिए हैं।

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टेक्सटाइल इकाइयों में भी मास्क, किट बन रहे हैं। सर्जिकल आइटम  बनाने की भी 30 से अधिक फैक्टरी हैं जो दस्ताने व मास्क बना रही हैं। बड़ी स्पोर्ट्स इकाइयों ने वर्कशॉप को पीपीई मैन्युफैक्चरिंग सेंटर में तब्दील कर दिया है। देशभर में प्रतिदिन 20 हज़ार से अधिक किट की सप्लाई शहर से हो रही है।

दौराला शुगर मिल सैनिटाइजर बनाकर 8 राज्यों को भेज रही है। नंगलामल शुगर मिल सैनिटाइजर की सप्लाई कर रही है। शहर में टेबल टेनिस बनाने वाली अंतराष्ट्रीय कम्पनी स्टैग इंटरनेशनल, भल्ला स्पोर्ट्स, वत्स स्पोर्ट्स पीपीई किट बनाकर एम्स, टाटा को दे रहे हैं। हंस यार्न्स में बनी किट एम्स, टाटा सहित देशभर के अस्पतालों, सेना के लिए जा रही है।

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