Local Heading

मेरठ:8 साल से पीने के पानी के लिए तरस रहे हैं इस गांव के लोग!

मेरठ(Meerut)- एक तरफ जहां प्रशासन सबका साथ सबका विकास के वादे करती हैं. वहीं उत्तर प्रदेश के कुछ गांवों में लोग अभी भी पीने के पानी का इंतजार कर रहे हैं. इन गांवों में लोगों 8 सालों से उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब उन्हें शुद्रध पानी नसीब होगा.

दरअसल, मुजफ्फरनगर में ग्रामीणों को शुद्ध पेय जल उपलब्ध कराने के लिए 24 गांवों में चल रही 91.13 करोड़ की योजनाएं आठ साल से लटकी हुई हैं. जल निगम के अधिकारी योजनाओं पर खर्च बढ़ाते जा रहे हैं, लेकिन ये कब पूरी होगी इसका कोई जवाब नहीं है.

प्रदूषण नियंत्रण विभाग की जांच में पता चला कि कई गांवों का पानी जहरीला है. इस पानी को पेयजल ना मानकर ऐसे सभी गांवों में राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल योजना में पानी की टंकी लगाने को मंजूरी दी गई थी. लेकिन आठ साल से ये काम पूरा नहीं हो पाया है.

इन गांवों में बुढ़ाना तहसील का रियावली नंगला, कसेरवा, रसूलपुर जाटान, बसधाडा सदर तहसील का बसेड़ा, पीनना, नूनाखेडा, बलवाखेडी, कुल्हेडी शामिल हैं. खतौली तहसील का हुसैनपुर बोपाडा, मंसूरपुर, चंदसीना और जानसठ तहसील का मोरना, भोपा, संभलहेडा, महलकी, जौली, तिसंग हैं. अब देखना होगा कि इन लोगों को कब शुद्ध पानी नसीब होता है.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More