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छात्रा ने नशे के खिलाफ छेड़ी जंग, सैकड़ों लोगों को शराब की लत से उबारा

Alcohol Addiction
शराब से उजड़ते घरों को नजदीक से देख चुकी सुषमा पिछले 4 सालों से अपने इस अभियान के जरिये सैकड़ों लोगों को शराब के नशे (Alcohol Addiction) की लत से उबार चुकी है. समाज और परिजनों के विरोध के बावजूद सुषमा लोगों को जागरूक करती रही और आज हर किसी को उस पर गर्व है

मुरादाबाद: (Moradabad)। उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जनपद के देहात क्षेत्र की रहने वाली सुषमा अपने मजबूत इरादों के बल पर नशा मुक्ति के खिलाफ अभियान चला रही है. सुषमा की परवरिश ग्रामीण मध्यम वर्गीय परिवार में हुई है. शराब से उजड़ते घरों को नजदीक से देख चुकी सुषमा पिछले 4 सालों से अपने इस अभियान के जरिये सैकड़ों लोगों को शराब के नशे (Alcohol Addiction) की लत से उबार चुकी है. समाज और परिजनों के विरोध के बावजूद सुषमा लोगों को जागरूक करती रही और आज हर किसी को उस पर गर्व है. सुषमा की नशा मुक्ति मुहिम में बड़ी संख्या में वो महिलाएं और युवतियां जुड़ी रही है जिनके परिवार नशे के नुकसान को झेल रहे हैं.

चाचा की असमय मौत से मिली प्रेरणा

मुरादाबाद जिले के गुन्नौर माफी गांव में रहने वाली सुषमा के लिए जीवन का सफर गांव की पगडंडी पर चलने जैसा ही था. जिस पर हर वक्त गिरने और चोट लगने का खतरा बना रहता हैं. मध्यम वर्गीय परिवार में पांच भाई -बहनों के परिवार में पली सुषमा के पास संस्थानों की कमी थी. लेकिन उसके इरादे अभावों पर हमेशा जीत हासिल करते रहे.

शराब के नशे (Alcohol Addiction) के आदि चाचा की असमय मौत में सुषमा ने समाज के लिए कुछ करने का जज्बा दिया. सुषमा के लिए तभी से नशा मुक्त समाज के लिए एक अभियान बन गया. जवान लड़की अकेले घर से बाहर समाज को जागरूक करने निकली तो पड़ोसियों के साथ परिजनों ने भी विरोध किया. लेकिन यहां भी सुषमा विरोध को पीछे छोड़ आगे बढ़ती चली गयी. लोगों को नशे से दूर रहने के लिए अभियान चला रही.

शराब के नशे (Alcohol Addiction) के खिलाफ चलाया जागरूकता अभियान

सुषमा किसी संगठन के माध्यम से नहीं बल्कि अपनी टीम बनाकर घर-घर और गांव-गांव में जाकर सुषमा शराब पीने वालों से बातचीत करती है. सुषमा शराब से होने वाले नुकसान और परिवार के बर्बाद होने के वास्तविक घटनाएं बताती है. सुषमा के अभियान के बाद अकेले उसके गांव में 50 से ज्यादा लोग शराब पीना छोड़ चुके हैं. नशा मुक्ति का यह अभियान धीरे-धीरे अपना दायरा फैला रहा है. साथ ही सुषमा का साथ देने वाले लोगों की तादाद भी हर दिन बढ़ती जा रही है. जिस अभियान को लेकर लोग हमेशा विरोध करते नजर आते थे. आज खुद सुषमा की तीन बहने उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है.

सुषमा की मुहिम ला रही रंग

सुषमा के मुताबिक उसके लगातार प्रयासों के बाद सैकड़ों लोग शराब जैसी बुराई से दूर हुए हैं. लेकिन इस बुराई को समाप्त करने के लिए लंबा सफर तय करना होगा 4 साल से गांव में सुषमा ऐसे परिवार की खुशी का माध्यम बनी है. जिनके घर में किसी का बेटा तो किसी के पति को शराब पीने की लत थी. नशे के चलते उजड़ते परिवार और घरेलू हिंसा की शिकार महिलाएं सुषमा के इस अभियान को खूब सराहा रही है. शुरुआती विरोध के बाद अब लोगों के समर्थन को सुषमा खुद के लिए प्रेरणा मानती हैं.

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