Local Heading

मुरादाबाद: यह शख्स दो वर्षों से कराता आ रहा है वानर भोज

मुरादाबाद में  एक शख्स दो वर्ष से लगातार वानर भोज करता आ रहा है. प्रत्येक दिन घर से चने लाकर बंदरों को खिलाता है.

मुरादाबाद(Moradabad): मुरादाबाद में  एक शख्स दो वर्ष से लगातार वानर भोज करता आ रहा है. प्रत्येक दिन घर से चने लाकर बंदरों को खिलाता है. बंदर भी इस शख्श को देखकर उसके पीछे-पीछे चलने लगते हैं. वहीं बंदर इस शख्श की गोद में आकर बैठ जाते हैं और मजे से भोजन करते हैं.

इसे भी पढ़े: बस्ती: मुफलिस की जिन्दगी जी रहा है अल्पसंख्यक परिवार

जनपद के पुराने रोडवेज के आसपास यह नजारा देखने को मिल जाएगा कि एक शख्श बंदरों के बीच बैठ उनको खाना खिला रहा है. यह शख्श सनी दुबे है, जो पेशे से ड्राइवर है. सनी पिछले दो साल से लगातार रोजाना अपने घर से चने उबालकर या केले लेकर रोज शाम को जब पुराने रोडवेज पहुंचता, तो उसको देखकर बंदर एक दूसरे को आवाज लगाने लगते हैं. रोडवेज के अंदर सनी एक खुली जगह की तरफ जाता है, तो सारे बंदर उसके पीछे-पीछे आ जाते हैं.

जैसे ही सनी जमीन पर बैठकर बंदरों के लिए खाना निकालता है तो बंदर सनी के हाथों से खाना लेने लगते हैं. कुछ बंदर तो सनी के पैर पर आकर बैठ जाते हैं. रोडवेज में बंदरों के भी कई गुट हैं, जब एक गुट को खाना देता है तो दूसरा गुट इंतजार करता है. सनी पूरे रोडवेज में घूम घूमकर बंदरों के अलग-अलग गुट के पास जाकर उनको खाना खिलाता है. लॉकडाउन में भी सनी ने बंदरों के अलावा सड़क पर आवारा घूमने वाले जानवरों को भी रोजाना खाना खिलाया.

सनी दुबे का कहना है कि पिछले दो साल से वानर सेवा कर रहा हूं. मेरा मानना है कि बजरंग बली को प्रसाद चढ़ाने की जगह इन लोगों की सेवा करो. रायबरेली के एक गुरु जी को सेवा करते हुए देखा था. तो उसके बाद मेरे मन मे भी यह भाव आया. रोजाना घर से चने लेकर आता हूं. और इनको खिलाता हूं, जब कोई बताता है कि आज केले खिलाने हैं तो केले या कुछ और चीज खिलाता हूं. जब में यहां आता हूं तो यह मेरे पीछे-पीछे आ जाते हैं. लॉकडाउन में गाय, कुत्ते आदि को खाना खिलाया है.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More