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अब मुरादाबाद में नही होगा पीतल भट्टियों से प्रदूषण, ये है वजह

देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुमार पीतल नगरी यानी मुरादाबाद को अब प्रदूषण मुक्त करने की शुरुआत हो गई है. इसकी शुरुआत हुई है कोयला भट्टियों की जगह पीएनजी गैस संचलित भट्टिया को लगाकर की जा रही है.

मुरादाबाद:(Moradabad)। देश में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में शुमार पीतल नगरी यानी मुरादाबाद को अब प्रदूषण मुक्त करने की शुरुआत हो गई है. इसकी शुरुआत हुई है कोयला भट्टियों की जगह पीएनजी गैस संचलित भट्टिया को लगाकर की जा रही है.
दरअसल मुरादाबाद में अब तक पीतल को गलाने के लिये कोयला की भट्टियों का प्रयोग होता था.

कोयला भट्टियों की जगह पीएनजी गैस संचालित भट्टिया

जिससे ना सिर्फ शहर में प्रदूषण ही बढ़ता था बल्कि पीतल कारखानो में काम करने वाले पीतल मजदूरों को धुंए के कारण गंभीर बीमारियां भी घेरे रहती थी. लेकिन अब उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सख्ती के बाद कारखाने दारों ने कोयला भट्टियों की जगह पीएनजी गैस की भट्टिया लगानी शुरू कर दी है. जिससे ना सिर्फ अब पीतल मजदूरों को धुंए और बीमारियों से मुक्ति मिल रही है.

साथ ही शहर को भी प्रदूषण से मुक्ति मिल रही है. वहीं पीएनजी गैस भट्टी पर काम करने वाले मजदूर कहते है कि कोयला भट्टियों पर काम करना उनके लिये काफी मुश्किलों का सबब होता है. लेकिन गैस भट्टी से उनको बहुत अधिक राहत दे रही है. अब उनको देर तक कोयला भट्टियों के सामने भी नहीं खड़ा होना पड़ता है साथ ही बीमारियां भी कम हो रही है.

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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजय शर्मा का कहना है कि जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने शहर को प्रदूषण मुक्त करने के लिये एक बहुत अच्छा सॉल्यूशन निकाला है. जिसके तहत शहर की सभी कोयला भट्टियों की जगह पीएनजी भट्टियों को लगाने का आदेश दिया गया है. कारोबारियों को कारखानेदारों ने आदेश का पालन करते हुये पीएनजी भट्टिया लगानी शुरू कर दी है. इन भट्टियों से शहर की सेहत सुधर रही है.

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