Local Heading

सावधानः कहीं आपका बच्चा तो नहीं जी रहा ऐसी वर्चुअल लाइफ

खतरनाक ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल के बाद पबजी ने अभिभावकों की नींद उड़ाई

बच्चों की याददाश्त खोने का भी है खतरा

जैसलमेर। खतरनाक ऑनलाइन गेम ब्लू व्हेल के बाद पबजी (प्लेयर्स अननोन्स बैटल ग्राउंड ) ने अभिभावकों की नींद उड़ा दी है। इस गेम के प्रभाव में आकर बच्चे चिड़चिड़े होने के साथ-साथ याददाश्त भी खो सकते हैं या फिर वह पागलपन का शिकार भी हो सकते हैं।

सरहदी जिले जैसलमेर में भी इस खतरनाक गेम को खेलने वालों को लेकर एक सामाजिक संगठन की रिपोर्ट चैंकाने वाली है। इस सामाजिक संगठन का मानना है कि जैसलमेर में 50 प्रतिशत से भी अधिक युवा इस खतरनाक मोबाईल गेम पबजी की लत में हैं और मानसिक बीमारी की ओर बढ रहे हैं।

इस सामाजिक संगठन ने राज्य सरकार से इस खतरनाक मोबाईल गेम को प्रतिबंधित करने की मांग भी की है। जानकारों का मानना है कि बच्चों के लिए खतरनाक साबित होने वाले इस गेम पर गुजरात सरकार पहले ही प्रतिबंध लगा चुकी है। राजस्थान समेत अन्य प्रदेशों में भी इस पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिये।

यह है पबजी गेम

करीब एक साल पहले वर्ष 2017 में यह गेम माइक्रोसॉफ्ट विन्डोज के लिए लांच किया गया था। बाद में इसे एंड्रॉयड पर भी लांच कर दिया गया। यह एक मल्टीप्लेयर गेम है। इसमें अन्य खिलाडियों को मारना पड़ता है। इसे खेलने वाला अपनी टीम के साथ आइलैंड में उतरता है और उसे वहां छिपे अन्य खिलाडियों को मारना होता है। आखिर में जिंदा बचने वाले को विजेता माना जाता है।

मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सुभाषचन्द्र महरडा के अनुसार इस गेम को खेलने वालों की स्मरण शक्ति खोने का खतरा रहता है। बच्चे चिड़चिड़े हो जाते हैं और अलग-थलग रहने लगते हैं। इस गेम का दिमाग पर नशे से भी अधिक असर होता है, जो बच्चों के लिए बेहद खतरनाक है।

इनके साथ हुआ कुछ ऐसा-

जैसलमेर में रहने वाले पारूल इस खतरनाक गेम के आदी हो गये थे। अपने दोस्तों के कहने पर उसने यह गेम अपने मोबाईल मे लोड किया और खेलना आरम्भ किया। पारूल ने बताया कि जैसे-जैसे उसने इसे खेलना आरम्भ किया वैसे वैसे वो इसकी जद में जाता चला गया। गेम का सीधा प्रभाव उसके मस्तिष्क पर पड़ना आरम्भ हो गया, जिससे उसे गेम के अलावा अपने आसपास का माहौल गेम जैसा ही दिखने लगा।

आसमान में उड़ते हवाई जहाज से लेकर सडक पर चलने वाली गाडियां और यहां तक की आसपास के लोग भी उसे गेम के हिसाब से एनिमी ही लगने लगे थे, जिन्हें खत्म करना होता है। पारूल के परिजनों को जब इस बात का पता चला, तो उन्होंने पारूल को मनोचिकित्सक को दिखाया और अब पारूल पिछले लम्बे समय से मनोचिकित्सक से उपचार लेने के बाद पूरी तरह गेम के नशे से बाहर आ चुका है। पारूल का कहना है कि युवाओं को भ्रमित करने वाले और मस्तिष्क पर बुरा प्रभाव डालने वाले इस खतरनाक गेम से दूसरे युवाओं को दूर ही रहना चाहिये।

पबजी गेम का बच्चों पर गलत प्रभाव दिखने के बाद गुजरात सरकार ने इस पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही शिक्षा विभाग को आदेश जारी किया था कि ऐसे बच्चों पर निगाह रखी जाए और उनकी यह लत छुड़वाई जाए। दिल्ली बाल संरक्षण आयोग ने भी इस गेम को लेकर अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि यह बच्चों के लिये खतरनाक साबित हो सकता है और आयोग ने स्कूली प्रधानाध्यापकों को बच्चों के बीच जाकर इस गेम की लत की जांच करने के लिये भी कहा है।

आंकडों की मानें तो देशभर में 20 करोड से भी ज्यादा लोग यह गेम खेलते हैं और पबजी गेम की थीम पर कई रेस्टोरेंट भी खुल चुके हैं। इतना ही नहीं कई शादियां भी पबजी थीम पर हो रही हैं। नकारात्मक असर की बात करें तो मुम्बई के कुर्ला इलाके में इसी सप्ताह 18 साल के किशोर ने गेम खेलने के लिये मंहगा स्मार्टफोन न मिलने पर आत्महत्या तक कर ली थी।

राजकोट में भी इस गेम को खेलने से मना करने पर एक 15 साल के बच्चे ने आत्महत्या कर अपनी जान दे दी थी। दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी परीक्षा पर चर्चा के दौरान बोर्ड परीक्षार्थियों से रूबरू हुए थे। इस दौरान जब किसी अभिभावक ने कहा कि उनका बच्चा मोबाइल में गेम अधिक खेलता है, तो प्रधानमंत्री ने कहा था कि पबजी वाला गेम तो नहीं खेल रहा।

बच्चों के साथ समय बिताएं अभिभावक

जैसलमेर के राजकीय चिकित्सालय के मनोरोग विषेषज्ञ डॉ. सुभाषचन्द्र महरडा का कहना है कि ऐसे खेलों में अक्सर वह बच्चे समय बिताने लगते हैं, जिनके अभिभावक नौकरीपेशा हैं, क्योंकि वह बच्चों को समय नहीं दे पाते। अभिभावक बच्चों को ध्यान रखें और उनके साथ समय भी बिताएं। ऐसे मामलों में पेरेंटिग बेहद जरूरी है।

Related posts

जोधपुर में पहली बार हुई घायल कोबरा की सर्जरी, 9 टांके लगाकर जंगल में छोड़ा

Mukesh Kumar

बीकानेर: भारत-पाक सीमा पर वायरल हो रहा ‘पाकिस्तानी जहर’

Anurag Harsh

देखिये, उदयपुर में एक पुलिस अधिकारी ने कैसे जगाई राष्ट्रप्रेम की भावना

Suneeta

क्रूर मांः पीट-पीट कर मार डाला पांच माह की बेटी को

Suneeta

गजब: राष्ट्रपति से भी बड़े बन गए रजिस्ट्रार, खुद ही दे दिया कुलपति को सेवा विस्तार

Local News Desk

पुलवामा हमला : कश्मीरी छात्र की फेसबुक पोस्ट से बवाल, कालेज में पुलिसबल तैनात

Pradeep Sati

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More