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काशी के कछुओं को प्रयागराज जिले में किया जाएगा शिफ्ट

प्रयागराज(Prayagraj): काशी के कछुआ अभ्यारण्य को संगमनगरी प्रयागराज,  भदोही और मीरजापुर के बीच 30 किमी गंगा में शिफ्ट करने का रास्ता साफ हो गया है. तीनों जिलों की सीमा वाले जल क्षेत्र को चिन्हित कर लिया गया है. लॉकडाउन खत्म होने के बाद इस सेंचुरी को विकसित करने की कवायद शुरू हो जाएगी.

बता दें कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है.  कछुआ सेंचुरी काशी में है, लेकिन जैविकीय एवं मानवीय दबाव से वहां कछुओं की संख्या बहुत कम है. वर्ष 2018 में भारतीय वन्य जीव संस्थान,  देहरादून के सर्वे में यह बात भी सामने आई थी कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से क्षेत्र कछुए के संरक्षण और संवर्धन के लिए उपयुक्त नहीं रह गया है.

दरअसल काशी में पक्के घाट हैं. साथ ही धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र होने की वजह से गंगा में हजारों बोट दिनभर चलती हैं. इसलिए सेंचुरी को शिफ्ट करने के लिए संस्थान की ओर से उत्तराखंड से बिहार तक गंगा का सर्वे कराया गया था. प्रयागराज, भदोही और मीरजापुर जिलों में गंगा की मुख्य धारा से 30 किमी क्षेत्रफल इसके लिए मुफीद पाया गया. इन क्षेत्रों में कछुओं की पर्याप्त संख्या होने के साथ विकास की संभावना दिखी.

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