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हत्यारों को मिली आजीवन कारावास की सजा, चांदी के कडों के लिए काट दिए थे हाथ

अजमेर। अजमेर की दो अलग-अलग अदालतों ने हत्या के चार दोषियों को आजीवन कारावास और जुर्माने से दंडित करने की सजा सुनाई है। एससी एसटी न्यायालय के विशिष्ठ लोक अभियोजक पंकज जैन ने बताया कि 9 जून 2016 को मामूली कहासुनी को लेकर अंदरकोट में शफीक उर्फ नाड़ा ने दानिश पर बोतल से हमला कर दिया था। सिर पर गंभीर चोट लगने से दानिश की अस्पताल पहुंचने से पहले मौत हो गई थी। मामले में दरगाह थाना पुलिस ने शफीक को गिरफ्तार करके न्यायालय में चार्जशीट पेश की थी। अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाह और 27 दस्तावेज प्रदर्शित करवाए गए। जिसके आधार पर न्यायाधीश बृजमाधुरी शर्मा ने शफीक को हत्या का आरोपी करार देते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार के जुर्माने से दण्डित करने की सजा सुनाई। वहीं नसीराबाद क्षेत्र में वर्ष 2014 में 17 साल के युवक की लूट के इरादे से की गई हत्या के मामले में एक ही परिवार के 4 लोगों को दोषी करार दिया गया। न्यायाधीश विरेन्द्र मीणा ने बिरजू, राजन और शन्नू को आजीवन कारावास और 30 हजार जुर्माने से तो रामकुमार को 5 साल व एक लाख रुपए के जुर्माने से दंडित किया है। अभियोजन पक्ष की ओर से जीतमल प्रजापति ने 18 गवाह, 49 दस्तावेज और 25 आर्टिकल प्रदर्शित करवाए थे। जिसके तहत न्यायाधीश मीणा ने यह फैसला सुनाया। प्रजापति ने बताया कि आरोपियों ने केसरपुरा निवासी 17 वर्षीय अर्जुन के हाथ से चांदी के कड़े निकालने के लिए उसके पंजे तक काट दिए थे। इसके बाद उसे मौत के घाट उतारा था।

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