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कांशीराम दलित-शोषितों के मसीहा – मायावती

कांशीराम की पूण्यतिथि के मौके पर मायावती ने दिल्ली स्थित प्रेरणा केंद्र में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर मायावती ने कहा कि जातिवादी ताकतों से मिल रही चुनौतियों का सामना हमें सूझबूझ से करते हुए आगे बढ़ना होगा. 

उत्तर प्रदेश (UP), उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री बसपा सुप्रीमों मायावती ने कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि पेश की. उन्होंने कहा कि पार्टी के संस्थापक कांशीराम द्वारा शुरू किये गए दलित उद्धार और उनके आंदोलनों को आगे बढ़ाते हुए उनके सपने को पार्टी पूरा करने का संकल्प लेती है. 

दरअसल, 9 अक्टूबर को बसपा पार्टी के संस्थापक कांशीराम की पूण्यतिथि के मौके पर मायावती ने दिल्ली स्थित प्रेरणा केंद्र में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर मायावती ने कहा कि जातिवादी ताकतों से मिल रही चुनौतियों का सामना हमें सूझबूझ से करते हुए आगे बढ़ना होगा. 

इसके अलावा मायावती ने ट्विट करते हुए कहा कि “बामसेफ और बसपा आंदोलन के जन्मदाता एवं संस्थापक कांशीरामजी को आज उनकी पुण्यतिथि पर पार्टी  की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि। उपेक्षितों के हक में उन्होंने कहा था कि वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा”.

बसपा सुप्रीमों मायावती ने कांशीराम के सपनों को पूरा करने का संकल्प लेते हुए कहा “बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के आन्दोलन को समर्पित कांशीराम जानते थे कि जातिवादी ताकतें साम, दाम भेद आदि हथकंडों से बसपा के आंदोलन को चुनौतियां देने में कोई कसर नहीं छोड़गें. इसीलिए हमें बड़ी सूझबूझ से उनका सामना करना होगा और हम शोषितों के खिलाफ उठने वाली आवाजों का डटकर मुकाबला करेंगे. जिसका बेहतरीन उदहारण उत्तर प्रदेश है”.

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