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राम मंदिर की तामीर से NRI उत्साहित, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष से कहा- हिन्दुस्तान की तरक्की में भागीदार बनना चाहते हैं

कोरोना महामारी से जूझ रहे हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तानी लोगों को खुद को अकेला समझने की जरूरत नहीं है. कारोबारी और दूसरी वजहों से विदेशी धरती पर जा बसे भारतीय मूल के लोग भी यहां के लिए चिंतित हैं.

लखनऊ (LUCKNOW): कोरोना महामारी से जूझ रहे हिन्दुस्तान और हिन्दुस्तानी लोगों को खुद को अकेला समझने की जरूरत नहीं है. कारोबारी और दूसरी वजहों से विदेशी धरती पर जा बसे भारतीय मूल के लोग भी यहां के लिए चिंतित हैं. भारतीय जनता पार्टी के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने सोशल मीडिया के सहारे जब एनआरआई के एक बड़े समूह से लम्बी बात की तो उसका लब्बोलुआब यही था कि विदेशी धरती पर जा बसे हिन्दुस्तानी मूल के लोग वहां पर यहां के लिए कुलबुला रहे हैं.

बातचीत में हुआ राम मंदिर निर्माण का जिक्र

विदेशी धरती पर बसे एनआरआई के एक समूह से स्वतंत्र देव सिंह की बात सुबह 8 बजे शुरू हुई. ‘ट्रुनिकल’ से जुड़े भारतीय मूल के समूह के सामने जब अपने सरकारी आवास से स्वतंत्र देव सिंह बैठे तो बातों-बातों में एक घंटे से भी ज्यादा का वक्त खिंच गया. किसी अभिभावक की तरह जब बीजेपी अध्यक्ष ने उनका हाल-चाल पूछा तो अपने मिट्टी से आ रही आवाज और स्वतंत्र देव सिंह का अपनापन दूसरी तरफ बैठ लोगों को भावविभोर कर गया. घंटों चली बात-चीत में राममंदिर का जिक्र हुआ, कोरोना की मुश्किलों पर चिंतन चला, योगी आदित्यनाथ की सरकार में विकास के कामों और लालफीताशाही पर लगाम लगने से उम्मीदों की भी बात हुई. कई भारतीय मूल के विदेशी सदस्यों ने शिक्षा, कृषि, पर्यटन, सुरक्षा पर निवेश और प्रदेश में कारोबारी भविष्य पर भी अपने मन की कही.

विकास के लिए सरकार चिंतित

बीजेपी अध्यक्ष ने भी बात रखी कि किस तरह देश की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार विकास के मसले पर चिंतित है. प्रदेश अध्यक्ष ने उन्हें आमन्त्रित किया कि वो भी हिन्दुस्तान के नये बने कारोबारी बदले वातावरण का आकलन करें और हिन्दुस्तान की तरक्की में अपना रोल निभायें. मीटिंग जब खत्म हुई तो स्वतंत्र देव सिंह ने कार्यक्रम का सुगरलैंड से संचालन कर रहे दिग्विजय चिंतवार और ह्यूस्टन से जुड़े अचलेश अमर को धन्यवाद भी दिया. इस कार्यक्रम में अनन्त श्रीवास्तव, विजय सिंह, इंद्रनील शिखरे, विवेक शंकर नटराजन, आशीष डबराल, राजीव वर्मा, मुरलीधर सिंह, डॉ कविता आचार्य, मनोज तायल, शालिनी कपूर, रुचि सिंह सरीखे करीब 150 एनआरआई का समूह हिस्सेदार था.

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