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डॉक्टरों की लापरवाही के चलते गर्भवती ने तोड़ा दम

मृतक महिला के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने गर्भवती महिला को समय रहते रेफर नहीं किया जिसकी वजह से उसने दम तोड़ दिया

हल्द्वानीः (Haldwani)। उत्तराखंड में अस्पताल प्रशासन की लापरवाही की सजा एक महिला को अपनी जान गवा कर देनी पड़ी. मृतक महिला के परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने गर्भवती महिला को समय रहते रेफर नहीं किया जिसकी वजह से उसने दम तोड़ दिया. गर्भवती महिला की मौत से नाराज परिजनों ने अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर हंगामा काटा. वहीं दूसरी तरफ अस्पताल प्रशासन ने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया.

यह है पूरा मामला

यह पूरा मामला प्रसव के लिए अस्पताल पहुंची एक गर्भवती महिला से जुड़ा है जो राजकीय अस्पताल पहुंची थी. मृतक महिला के परिजनों के आरोप है कि प्रसव पीड़ा के बाद 20 वर्षीय शीतल को लेकर राजकीय अस्पताल पहुंचे थे. जहां डॉक्टरों ने उसे देखा और भर्ती कर दिया. परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने शीतल की जांच के बाद उन्हें नार्मल डिलीवरी की बात कही थी. लेकिन पूरा दिन गुजर जाने के बाद भी कोई डिलीवरी नहीं हुई. जिसके बाद देर रात डॉक्टरों ने शीतल को हल्द्वानी के लिए रेफर कर दिया.

परिजनों के मुताबिक रात अधिक हो जाने के कारण वह शीतल को हल्द्वानी नहीं ले जा सके. उन्होंने शीतल को पास के ही एक निजी अस्पताल में भर्ती करा दिया. जहां शीतल ने अंत में दर्द से करहाते हुए दम तोड़ दिया. जिसके बाद मृतक शीतल के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.

अस्पताल प्रशासन ने दी सफाई

वहीं शीतल की मौत पर अस्पतला प्रशासन ने सफाई दी है. अस्पताल प्रशासन ने अपने बचाव में कहा कि इस मामले में उनकी कोई गलती नहीं है. प्रशासन के मुताबिक अक्सर नार्मल डिलीवरी के लिए मरीज को बार-बार देखना पड़ता है. लेकिन शीतल को देर रात तक जब प्रसव पीड़ा नहीं हुई तो उन्होंने उसे हल्द्वानी रेफर कर दिया. अस्पताल प्रशासन ने सफाई दी कि उन्होंने शीतल को हल्द्वानी ले जाने के लिए 108 को भी सूचित किया था.

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