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प्राइवेट संस्थाएं बदल रही हैं सरकारी स्कूलों की हालात

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वाराणसी(Varanasi):सब पढ़ें और सब बढ़े के कांसेप्ट के साथ शहर में कई सारे प्राइवेट कंपनियां सरकारी स्कूलों की दिशा और दशा दोनों बदलने के लिए आगे आ रहीं है. साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी अपील की जा रही है कि वह अपने क्षेत्र में पड़ने वाले प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालयों के बारे में सोच कर इसकी शक्ल सूरत बदले. हालात यह हैं कि वाराणसी में महज गिने-चुने जनप्रतिनिधियों की तरफ से ही सरकारी विद्यालयों की सूरत और शक्ल बदलने का प्रयास किया जा रहा है.

सरकारी विद्यालयों के सफल संचालन के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है. इसका असर प्राइवेट संस्थाओं की तरफ से किए गए प्रयासों की वजह से कुछ बेहतर दिखाई दे रहा है. प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि नाल्को की तरफ से 4 करोड़ से ज्यादा रुपये की धनराशि दी गई है. इससे वाइट बोर्ड, वॉटर प्यूरीफायर, कंप्यूटर प्रोजेक्टर, टीवी स्क्रीन के साथ बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था तो की ही गई है. साथ ही 14 विद्यालयों की मरम्मत कार्य कराकर कायाकल्प भी कराया गया है.

अधिकारियों की मानें तो जनप्रतिनिधियों की तरफ से भी विद्यालयों के कायाकल्प के लिए कुछ प्रयास समय-समय पर होते हैं. एमएलसी डॉ. महेंद्र कुमार की तरफ से अब तक 24 विद्यालयों को फर्नीचर मुहैया कराए गए हैं. बीजेपी के रोहनिया विधायक सुरेंद्र नाथ सिंह की तरफ से 2 विद्यालयों को फर्नीचर दिया गया है. एमएलसी केदारनाथ सिंह की तरफ से भी 11 विद्यालयों को फर्नीचर दिया गया है. वाराणसी में आठ विधायकों के अलावा प्रधानमंत्री मोदी यहां से सांसद हैं.

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