Local Heading

80 साल में भी नहीं छूटी बालू खाने की आदत, डॉक्टर हैरान

habit

वाराणसी(Varanasi): देश में कई सारे ऐसे लोग हैं जो अपनी अजब-गजब आदतों (habit) के लिए जाने जाते हैं. कई लोग तो अपने इन्हीं आदतो के कारण गिनीज वर्लड रेकॉर्ड बना देते हैं. ऐसी ही एक अजीब सी आदत वाराणसी में रहने वाली कुसुमावती देवी.

दरअसल, कुसुमावती देवी को बालू खाने की आदत है. जी हां, उन्हें यह आदत तब से है जब वह महज 15 साल की थी. और आज वह 80 साल की हो गई हैं फिर भी उनकी आदत नहीं छूटी. हैरानी की बात है कि वह हर दिन नाश्ता करती हैं, खाना खाती हैं, लेकिन बाद में बालू का भी सेवन कर लेती हैं. क्योंकि बीना बालू के उनका गुजारा नहीं.

उधर, चिकित्सक बालू के सेवन को खतरनाक मानते हैं. उनका कहना है कि बालू से पेट संबंधी बीमारियां होने का खतरा रहता है. चोलापुर ब्लॉक के कटारी गांव की कुसुमावती के परिजनों के मुताबिक, 15 साल की उम्र में उन्हें पेट में दर्द हुआ तो एक वैद्य ने कुसुमावती को गाय के दूध में बालू मिलाकर पीने को कहा. इससे बीमारी तो ठीक हो गई, लेकिन बालू खाने की आदत बन गई.

वह अब भी बालू लाकर पहले उसे साफ पानी से धुलती हैं, फिर सुखाकर खा लेती हैं. हालांकि कुसुमावती की इस आदत से कई सारे डॉक्टर परेशान और हैरान है. डॉक्टरों का कहना है कि ऐसी घटना पहली बार सुनने में आ रही है. आयुर्वेद में बालू खाकर इलाज के बारे में कुछ नहीं लिखा है. बालू खाने के बाद कुछ पचेगा ही नहीं.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More