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वाराणसी में मिला ISI एजेंट, एटीएस ने किया गिरफ्तार

rashid

वाराणसी(Varanasi):पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र से बड़ी खबर साने आयी है. यूपी के एटीएस ने सेना इंटेलिजेंस की मदद से वाराणसी में आइएसआइ एजेंट को गिरफ्तार कर लिया है.पकड़ा गया एजेंट सेना के साथ रहकर सीआरपीएफ के ठिकानों की तस्वीरें पाकिस्तान भेजता था.

एजेंट की पहचान 23 वर्षीय के रूप में की गई है. बता दें कि राशिद वाराणसी में बीएचयू के छित्तूपुर में रहकर इस काम को अंजाम देता था. बता दें कि यूपी एटीएस ने वाराणसी से सोमवार को आइएसआइ एजेंट राशिद अहमद को गिरफ्तार किया है. आर्मी इंटेलिजेंस के इनपुट पर उत्तर प्रदेश एटीएस ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आईएसआई एजेंट का नाम रशीद अहमद है जो कि चंदौली जिले के चौरहट का रहने वाला है. राशिद 2018 में कराची में रहने वाली अपनी मौसी के यहां गया था. इसके बाद वहां आईएसआई के संपर्क में आया. मार्च 2019 से वह पैसे के बदले देश के महत्वपूर्ण स्थानों और सैन्य ठिकानों की तस्वीरें आईएसआई को भेजता था. इन सूचनाओं के एवज में पाकिस्तानी एजेंसियों ने रशीद को पैसे और गिफ्ट भी भेजे थे.

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चंदौली के पीडीयू नगर का रहने वाला राशिद खुफिया एजेंसियों के निशाने पर था. सैन्य ठिकानों, सीआरपीएफ और वाराणसी समेत कई स्थानों की रेकी कर पाकिस्तान तस्वीरें भेजता था. सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक राशिद पाकिस्तान में दो बार ट्रेनिंग ले चुका है. राशिद पाकिस्तान में बैठे आइएसआइ हैंडलर के सीधे संपर्क में था. पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में रशीद की गिरफ्तारी को एजेंसियों के लिए एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. एटीएस के मुताबिक, रशीद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसने भारत के किन-किन सुरक्षा प्रतिष्ठानों की डिटेल्स को पाकिस्तान से साझा किया था.

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