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वाराणसी: रोडवेज बसों से सैकड़ो लोग भेजे गए राजस्थान और झारखंड, चालकों ने दर्ज कराई आपत्ति

वाराणसी से भी सैकड़ों की संख्या में राजस्थान और झारखंड के रहने वाले प्रवासी मजदूरों और आम लोगों को रोडवेज की बसों के सहारे भेजा गया

वाराणसी(Varanasi): लॉक डाउन के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों में फंसे प्रवासियों को उनके गृह राज्य भेजने की कवायद योगी सरकार की ओर से जारी है. वाराणसी से भी सैकड़ों की संख्या में राजस्थान और झारखंड के रहने वाले प्रवासी मजदूरों और आम लोगों को रोडवेज की बसों के सहारे भेजा गया. लेकिन इस दौरान चालकों ने प्रशासन द्वारा उनके लिए कोई भी इंतजाम न किए जाने पर आपत्ति भी उठाई.

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देश के अलग-अलग राज्यों में रहने वाले प्रवासी मजदूरों से लेकर वहां की आम जनता को उनके गृह राज्य भेजने का अभियान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी है. वाराणसी से भी सैकड़ों की संख्या में झारखंड और राजस्थान के फंसे प्रवासी मजदूरों और अन्य लोगों को उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों के जरिए आज सुबह रवाना किया गया. इस कड़ी में संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम से राजस्थान तो कैंट स्थित रोडवेज से झारखंड के लिए सैकड़ों प्रवासियों की रवानगी हुई. राजस्थान के लिए लगभग 700 लोगों की रवानगी हुई.

झारखंड के लिए भी लगभग इतने ही लोग रोडवेज की बसों में सवार होकर अपने गृह राज्य के लिए निकल पड़े. लेकिन इससे पहले सभी की बकायादे थर्मल स्क्रीनिंग भी हुई. जिसमें बसों के चालक भी शामिल थे. बसों के चालकों ने आपत्ति जताई कि उनको इतने दूर की यात्रा बगैर किसी अतिरिक्त इंतजाम, पैसों और राशन के ही किया जा रहा है. उन्होंने कुछ एडवांस तनख्वाह भी मांगी. जिससे वह कई दिनों की यात्रा में खर्च कर सके, लेकिन वह भी नहीं दिया गया. कोरोना से बचाव के नाम पर उन्हें सिर्फ एक सेनेटीज़र की शीशी दे दी गई है.

रिपोर्टर- धर्मेन्द्र चौबे (वाराणसी)

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